असंगठित मज़दूर कौन-सी सामाजिक सुरक्षा ले सकते हैं?
भारत में असंगठित मज़दूरों के लिए छह केंद्रीय योजनाएँ हैं। इस पन्ने पर बताया गया है कि हर योजना में क्या मिलता है, कौन जुड़ सकता है, कितना पैसा लगता है और कहाँ नामांकन कराना है। यहाँ लिखा हर नियम 6 नवंबर 2026 को सरकारी स्रोतों से मिलाकर देखा गया है। स्रोतों की सूची सबसे नीचे है।
छह योजनाएँ एक नज़र में।
हर मज़दूर को छहों योजनाओं में जुड़ना ज़रूरी नहीं है। हर योजना एक अलग जोखिम के लिए है: बुढ़ापा, मृत्यु, दुर्घटना या बीमारी। ई-श्रम इनमें अलग है, क्योंकि यह मज़दूरों का राष्ट्रीय डेटाबेस है और अपने आप में कोई पैसा नहीं देता।
| योजना | क्या मिलता है | कौन जुड़ सकता है | कितना खर्च आता है |
|---|---|---|---|
| ई-श्रम (e-Shram) | असंगठित मज़दूरों के राष्ट्रीय डेटाबेस में नाम दर्ज होता है। | 16 से 59 वर्ष के वे मज़दूर जो ईपीएफओ या ईएसआईसी के सदस्य नहीं हैं, जैसा श्रम मंत्रालय बताता है। कुछ और शर्तें भी लागू होती हैं। | कोई प्रीमियम नहीं लगता। ई-श्रम एक पंजीकरण है। |
| पीएम-एसवाईएम (PM-SYM) | 60 वर्ष की उम्र से हर महीने ₹3,000 की पेंशन। | 18 से 40 वर्ष की उम्र और ₹15,000 या उससे कम मासिक आय। ईपीएफओ, ईएसआईसी या केंद्र सरकार के योगदान वाली एनपीएस के सदस्य और आयकर देने वाले लोग इसमें नहीं आते। | जुड़ने की उम्र के हिसाब से हर महीने ₹55 से ₹200। केंद्र सरकार भी उतनी ही रकम जमा करती है। |
| अटल पेंशन योजना | 60 वर्ष के बाद हर महीने ₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000 या ₹5,000 की तय पेंशन। | 18 से 40 वर्ष के बैंक खाताधारक जो आयकर नहीं देते। | चुनी गई पेंशन और जुड़ने की उम्र के हिसाब से अलग-अलग। |
| पीएमजेजेबीवाई (PMJJBY) | किसी भी कारण से मृत्यु होने पर नामित व्यक्ति को ₹2 लाख। | 18 से 50 वर्ष के बैंक या डाकघर खाताधारक जो ऑटो-डेबिट के लिए सहमति दें। | ₹436 सालाना। |
| पीएमएसबीवाई (PMSBY) | दुर्घटना में मृत्यु और विकलांगता का बीमा। मृत्यु और सबसे गंभीर नुकसान पर ₹2 लाख, एक आँख की रोशनी जाने या एक हाथ या पैर के बेकार हो जाने पर ₹1 लाख। | 18 से 70 वर्ष के बैंक या डाकघर खाताधारक जो ऑटो-डेबिट के लिए सहमति दें। | ₹20 सालाना। |
| आयुष्मान भारत पीएम-जय (PM-JAY) | अस्पताल में भर्ती होने पर हर परिवार को साल में ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज, द्वितीयक और तृतीयक देखभाल के लिए। | योजना में नामांकित आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित परिवार। योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण चलाता है और वही इसकी शर्तें प्रकाशित करता है। | मौजूदा शर्तें राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण से पूछकर देखें। |
पीएम-एसवाईएम का पूरा नाम प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन है। पीएमजेजेबीवाई प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना है और पीएमएसबीवाई प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना। नियम बदलते रहते हैं, इसलिए नामांकन से पहले सरकारी पोर्टल पर देख लें।
कहाँ नामांकन कराएँ।
पीएम-एसवाईएम में नामांकन कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से होता है। पात्र मज़दूर maandhan.in पोर्टल पर खुद भी नामांकन कर सकते हैं। पेंशन 60 वर्ष की उम्र से शुरू होती है। श्रम मंत्रालय के अनुसार योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी, इसलिए पेंशन का भुगतान फरवरी 2039 से पहले शुरू नहीं होगा।
पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई बैंक या डाकघर के खाते से जुड़ते हैं, और प्रीमियम ऑटो-डेबिट से अपने आप कट जाता है। दोनों में बीमा एक साल के लिए मिलता है, 1 जून से 31 मई तक, और हर साल इसे आगे बढ़ाना होता है। जो मज़दूर पीएमजेजेबीवाई में देर से जुड़ता है, उसे आनुपातिक प्रीमियम देना होता है: सितंबर से नवंबर में ₹342, दिसंबर से फरवरी में ₹228 और मार्च से मई में ₹114। पीएमजेजेबीवाई में नामांकन की तारीख़ से 30 दिन की लियन अवधि लागू होती है।
अटल पेंशन योजना को पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत चलाता है। योगदान हर महीने, हर तीन महीने या हर छह महीने पर दिया जा सकता है।
आयुष्मान भारत पीएम-जय को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण चलाता है और वही इसकी मौजूदा शर्तें प्रकाशित करता है।
21 नवंबर 2025 को क्या बदला।
भारत सरकार ने चार श्रम संहिताएँ 21 नवंबर 2025 से लागू कीं। इनसे 29 मौजूदा श्रम कानूनों की जगह नई व्यवस्था बनी। इनमें एक सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 है। श्रम मंत्रालय के अनुसार यह संहिता गिग और प्लेटफ़ॉर्म कामगारों समेत सभी कामगारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाती है। मंत्रालय यह भी कहता है कि आधार से जुड़ा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर कल्याणकारी लाभ को एक राज्य से दूसरे राज्य में साथ ले जाने लायक बनाएगा, चाहे मज़दूर पलायन करे या न करे।
काग़ज़ पर लिखी संहिता से किसी मज़दूर के खाते में पैसा नहीं आ जाता। ऊपर की योजनाओं के लिए ऐसा मज़दूर चाहिए जिसे उनके बारे में पता हो, एक चालू बैंक खाता चाहिए, और कोई ऐसा व्यक्ति चाहिए जो हर आवेदन का फ़ैसला होने तक उसके पीछे लगा रहे। यही काम Act Now India बरारी ब्लॉक में करता है।
कटिहार में कार्ड और उनकी समझ।
2026 में हमने कटिहार ज़िले की दो ग्राम पंचायतों में 401 असंगठित मज़दूरों का सर्वेक्षण किया। इनमें से 8 प्रतिशत के पास श्रमिक कार्ड था, जबकि 77 प्रतिशत खेत या निर्माण मज़दूर थे। आयुष्मान भारत कार्ड रखने वाले 142 लोगों में से 70 प्रतिशत को पता नहीं था कि उनका बीमा हुआ है।
नमूना उद्देश्य के आधार पर चुना गया था, इसलिए ये आँकड़े इन्हीं 401 मज़दूरों के बारे में हैं, पूरे ज़िले का अनुमान नहीं। पूरी रिपोर्ट अंग्रेज़ी में है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल।
क्या ई-श्रम में नाम दर्ज कराना पेंशन या बीमा के बराबर है?
नहीं। ई-श्रम असंगठित मज़दूरों का डेटाबेस है। तालिका की पेंशन और बीमा योजनाओं में नामांकन अलग से होता है। 3 अगस्त 2026 के लोकसभा के उत्तर के अनुसार पीएम-एसवाईएम ई-श्रम पोर्टल से दोनों तरफ़ से जुड़ा हुआ है।
पीएम-एसवाईएम में कौन जुड़ सकता है?
18 से 40 वर्ष की उम्र का मज़दूर, जिसकी मासिक आय ₹15,000 या उससे कम हो। ईपीएफओ, ईएसआईसी या केंद्र सरकार के योगदान वाली एनपीएस के सदस्य और आयकर देने वाले लोग नहीं जुड़ सकते। 41 वर्ष या उससे ऊपर के मज़दूर जुड़ने की उम्र से बाहर हैं।
पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई में क्या फ़र्क है?
पीएमजेजेबीवाई किसी भी कारण से मृत्यु होने पर ₹2 लाख देती है। इसका प्रीमियम सालाना ₹436 है और उम्र 18 से 50 वर्ष है। पीएमएसबीवाई दुर्घटना में मृत्यु या विकलांगता पर ₹2 लाख तक देती है। इसका प्रीमियम सालाना ₹20 है और उम्र 18 से 70 वर्ष है।
क्या जून के बाद पीएमजेजेबीवाई में जुड़ा जा सकता है?
हाँ, आनुपातिक प्रीमियम देकर। बीमा का साल 1 जून से 31 मई तक चलता है, इसलिए जुड़ने के महीने के हिसाब से प्रीमियम ₹436 से घटकर ₹342, ₹228 या ₹114 हो जाता है।
Act Now India कहाँ काम करता है?
बिहार के कटिहार ज़िले के बरारी ब्लॉक में। हम मज़दूरों को उन योजनाओं में नामांकन कराने में मदद करते हैं जिनके वे पात्र हैं, मज़दूर समूह बनाते हैं और जो सीखते हैं उसे प्रशासन तक ले जाते हैं। अधिक जानकारी हमारे होम पेज और परिवर्तन के सिद्धांत पर है, जो अंग्रेज़ी में हैं।
ये नियम कहाँ से लिए गए हैं।
सभी स्रोत 6 नवंबर 2026 को पढ़े गए। स्रोत अंग्रेज़ी में हैं।
- प्रेस सूचना ब्यूरो, श्रम और रोज़गार मंत्रालय, E-Shram Portal: World's Largest Database of Unorganised Workers।
- ई-श्रम पोर्टल, अक्सर पूछे जाने वाले सवाल।
- प्रेस सूचना ब्यूरो, श्रम और रोज़गार मंत्रालय, 3 अगस्त 2026, Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan (PM-SYM)।
- श्रम और रोज़गार मंत्रालय, मान-धन पेंशन योजना पोर्टल।
- प्रेस सूचना ब्यूरो, वित्त मंत्रालय, 9 मई 2026, Three Jan Suraksha schemes (PMSBY, PMJJBY and APY) complete 11 years।
- प्रेस सूचना ब्यूरो, Government makes the four Labour Codes effective।
- प्रेस सूचना ब्यूरो, Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana, और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण।